मजेदार और विचार करने वाली घटना हुई। मेरा एक जिगरी यार है, अजीत कुमार। पेशे से वकील है। किसी फर्म के लिए काम करता है। तनख्वाह क्भ्000 रुपये। आज सुबह जब आफिस के लिए निकला तो नीचे से फोन कर कहता है, गाड़ी चोरी हो गई। होंडा साईन है उसके पास। नीचे आकर देखा तो गाड़ी का अगला पहिया किसी चोर ने चुरा लिया था।
मेरा दोस्त आफिस नहीं गया। किन्हीं कारणों से उसे इंशोयेरेन्स क्लेम नहीं पा रहा। कहता है, आज टायर सेट लेना पड़ेगा। दुकान गया, आपबीती बताई, टायर सेट की कीमत पूछी।
यहां से शुरुआत होती है ट्विस्ट। दुकानदार ने चोर बाजार के लिए प्रोमोट किया। कहा, आधी कीमत में वहां से मिल जाएगा। वहीं से जाकर ले लो। अजीत ने मुझे फोन मिलाया, पूछा, क्या करूं?
मैंने कहा, चोर बाजार से खरीदने का मतलब है। चोरों को प्रोमोट करना। बाजार से ले लो। मैंने फिर कहा, चाहो तो चोर बाजार से ले सकते हो लेकिन एक बार मेरी बात सोचना..।
आप क्या सोचते हैं? आप क्या सलाह देंगे या फिर आप क्या करेंगे? ज्यादा जरूरी है कि आप क्या करेंगे?







achha kya wakai chor bazar hota hai?
wahi jo aapne kaha.bajar se leti ya samjhati.maine aajtak chor bajar ka rukh nahi kiya.
बहुत कुछ उस वक्त की माली हालत पर निर्भर करता है।
बाजार से लेना ही ठीक है । क्यूंकि चोर बाजार से खरीदने मे कहीं लेने के देने न पड़ जाएँ।
चोर बाज़ार से नहीं खरीदना है.
कुश पीएसपीओ नहीं जानते। लेकिन मेरे विचार से गाड़ी जब चोर बाजार से नहीं ली तो टायर क्यों? माना वहां पर काफी सस्ता भी मिल सकता है और लोग लेते भी हैं लेकिन फिर भी, मत लो।
Good write-up
नैतिकताधारित सही वचन: बाजार से लेता रसीद और वारंटी के साथ.
ओरिजनल लो भाई ….बिल के साथ इसमे सोचना क्या है ?दवाई क्या चोर बाजार से लेते हो ?[img]http://www.smileyxtra.co.uk/images/smxtra.png[/img]
baazar se hi leta
chor bazari ko discourage karna chahiye…isse desh ki arth vyavastha bhi kamzor hoti hai
arrey bhai kyon nahin kharidana hai chor bazaar se? money flow hota hai, total business badhta hai… business badha usase jude log. bahut achcha hai ye to
never, bazar se hi len, chor bazar se kabhi nahi…museebat ho jati hai…